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यूनिफॉर्म सिविल कोड, भारत: भाग 5 – क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड / समान नागरिक संहिता / एक देश-एक कानून / Uniform Civil Code...
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भारत के लिए एक कानून बनाने का आह्वान करती है, जो विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने जैसे मामलों में सभी धार्मिक समुदायों पर उनके धर्म, लिंग, लिंग और यौन अभिविन्यास की परवाह किए बिना लागू होगा। संहिता भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत आती है, जो यह बताती है कि राज्य (केंद्र सरकार/संसद) भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा।
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यूनिफॉर्म सिविल कोड, भारत: भाग 3 – The Hindu Marriage Act, 1955 (हिन्दू विवाह अधिनियम)
हमारे देश में हिंदू पर्सनल लॉ भी था। लेकिन वर्ष 1950 के दशक में कई हिंदू कोड बिल्स पारित कर कानून बनाए गए थे जिनका उद्देश्य भारत में हिंदू व्यक्तिगत कानून को संहिताबद्ध और सुधारना था, एक सामान्य कानून कोड के पक्ष में धार्मिक कानून को समाप्त करना था। और वहीं से बना हमारा हिंदू विवाह अधिनियम, 1955।
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यूनिफॉर्म सिविल कोड, भारत: भाग 2 – शाह बानो केस (1985)
Shah Bano Case : 1985 - शाह बानो केस 1985, सुप्रीम कोर्ट का फैसला, तत्कालिन राजीव गांधी सरकार की नई कानून और बाकी सब की सम्पूर्ण जानकारी पढ़े
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यूनिफॉर्म सिविल कोड, भारत: भाग 1 – अनुच्छेद 25, 32 और 44
अखंड भारत – देश और धर्म सर्वोपरि
यूनिफॉर्म सिविल कोड, भारत: भाग 1 – भारतीय संविधान में मौजूद अनुच्छेद 25, 32 और 44
अनुच्छेद 25 (Aticle 25)
खंड 2 – उपखंड (क) –
खंड (2) – उपखंड (ख) –
अनुच्छेद 32 (Article 32)
अनुच्छेद 44 (Article 44)
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“समान नागरिक संहिता – भारत” को 6 लेख श्रृंखला में विस्तृत केस स्टडी की घोषणा
सम्पूर्ण "समान नागरिक संहिता" को 6 भागों में समझे
भाग 1 - अनुच्छेद - 25, 32 और 44
भाग 2 - शाह बानो केस - 1975
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
तत्कालीन राजीव गांधी सरकार
भाग 3 - हिंदू मैरिज एक्ट - 1955
भाग 4 - "समान नागरिक संहिता" के देश में आने और लागू होने के बाद क्या ये मामला भी कृषि कानूनों की तरह कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले सकती है?
भाग 5 - अब बताओ भी आखिर है क्या यूनिफॉर्म सिविल कोड / समान नागरिक संहिता / एक देश एक कानून / Uniform Civil Code /UCC?
भाग 6 - भारत में कब तक आएगी ये कानून?

